Thursday, February 4, 2010

मनमोहन की पहल पर यदि हो जाये अमल...


मनमोहन की पहल पर
यदि हो जाये अमल...

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भ्रष्टाचार रोकने मंत्रियों के लिए जो फरमान जारी किया है ,यदि उस पर अमल हो जाये देश का भला हो जायेगा. क्योंकि देश का हर मंत्री चाहे वो किसी भी राज्य का हो अपने पद का खुलेआम दुरुपयोग कर रहा है. जिस विभाग का वह मंत्री है उस पर ध्यान देने की बजाय अपने दूसरे व्यवसाय पर ज्यादा ध्यान देता है. मंत्री पद मिलने के बाद तो जैसे वह यह सोचने लगता है कि अगली बार मौका मिलेगा कि नहीं। इसलिए पांच साल के कार्यकाल में पूरी जिन्दगी कि कमाई कर लेने चाहता है, और अपने इसी उद्देश्य को पूरा करने सरकार के पैसों का अनाप-शनाप उपयोग कर अपना खजाना भरना चालू कर देते है. कई तरह सरकारी पैसों को अपने फायदे के लिए उपयोग करते है. इस काम में नौकरशाहों का वे भरपूर उपयोग करते है, क्योंकि बिना इनके सहारे कोई भी मंत्री अपनी जेब नहीं भर सकता. मनमोहन जी की इस पहल से ऐसे मंत्रियों के पांव तले जमीन खिसक गयी जो सिर्फ इसी काम में लगे है. वर्तमान देश के किसी भी राज्य में ऐसे किसी मंत्री का मिलना मुश्किल है जो भ्रष्ट न हो. मंत्रियों के पारिवारिक स्थिति पर नजर डालेंगे तो पता चल जायेगा की जो मंत्री बनने के पहले एक कार भी मालिक नहीं होता था वह मंत्री बनते ही करोड़ों की सम्पति का मालिक बन जाता है. आखिर क्या जादू हो जाता है मंत्री पद मिलते ही? जिस नेता का पुत्र कभी राज्य के बाहर नहीं गया होता,मंत्री पद मिलते ही वह हवाई यात्रा कर विदेशों के शैर पर निकल जाता है. देश के बाहर पढने(ऐश) करने चला जाता है. इसे देखने वाला कोई नहीं है. उसे ये पूछने वाला कोई नहीं है कि ये सब कहाँ के पैसों से आ रहा है.मनमोहन जी की इस फरमान को यदि ठीक ढंग से लागु करना है तो मंत्रियों को यह भी निर्देशित करना चाहिए कि मंत्री बनने के पहले उनकी सम्पति कितनी थी और अब कितनी है. मंत्रियों के साथ-साथ नौकरशाहों को भी अपनी सम्पति घोषित करने के निर्देश देने चाहिए क्योंकि किसी मंत्री या नेता को भ्रष्ट बनाने में नौकरशाहों का पूरा-पूरा योगदान होता है.यदि देर से ही सही इस पहल की शुरुवात हो जाती है तो निश्चित ही आने वाले समय में भ्रटाचार पर कुछ हद तक रोक लगायी जा सकती है.

1 comment:

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari said...

धन्यवाद भाई.


तब तक इंतजार है.